मैं ही हूं सही
यह बात कभी न कही।
तेरा नजरिया ही बदलता रहा
मैं तो वही हूं, वही।।
हर बात पर सहमत होना जरूरी नहीं।
हां में हां मिलाना मजबूरी नहीं।।
बहस भी तो मुनासिब है कहीं कहीं।
तेरा नजरिया ही बदलता रहा
मैं तो वही हूं, वही।।
माना कि हम सुधर न सके।
तेरी उम्मीदों पर खरा उतर न सके।।
मुझ में मेरा भी तो कुछ होगा
सब कुछ तेरा नहीं।
तेरा नजरिया ही बदलता रहा
मैं तो वही हूं, वही।।
हर दांव पर हम सम्हल न सके।
और वक्त के साथ बदल न सके।।
हालांकि तेरी कोशिश में
कोई कमी न रही।
तेरा नजरिया ही बदलता रहा
मैं तो वही हूं, वही।।
सारी दुनिया से बाखबर।
और खुद से है तू बेखबर।।
कोई तो रखता होगा
तेरी करतूतों का खाता-बही।
तेरा नजरिया ही बदलता रहा
मैं तो वही हूं, वही।।
-- किशोरी लाल वर्मा'कुन्दन'
कुन्दनपाल
23/01/2019
© सर्वाधिकार सुरक्षित