तुम्हारे लिए ही जो सांस लेता है।
उसी मुहब्बत का हिसाब लेता है।।
नाहक ना परेशान कर उसे
जो तुम्हें मीठे ख्वाब देता है।
गुणा-भाग से परे होती हैं कुछ बातें
वक्त ही इनका हिसाब देता है।
मुश्किलों को करता है जो आसान
उसी का तू जवाब लेता है।
तुम्हारे लिए ही जो सांस लेता है।
उसी मुहब्बत का हिसाब लेता है।।