मुझे परखने में यूं न वक्त जाया कर।
बिना मतलब के भी कभी आया कर।।
पूरे जमाने को मालूम है तेरी फितरत,
मुझ से कुछ भी न छुपाया कर।
दूसरों की भूल पर हंसने वाले, कभी
खुद की गलतियों पर मुस्कराया कर।
बड़े नाज़ुक दिल होते हैं कुछ लोग,
जब जी चाहे न आजमाया कर।
मुझे परखने में यूं न वक्त जाया कर।
बिना मतलब के भी कभी आया कर।।
- किशोरी लाल वर्मा
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