सोमवार, 3 जून 2019

हिस्सेदारी नहीं भागीदारी चाहिए

केवल अधिकारों की हिस्सेदारी नहीं
कर्त्तव्यों में भी भागीदारी होनी चाहिए।
सिर्फ कौम की क्यों सोचें,
वतन के लिए भी जिम्मेदारी होनी चाहिए।।
बड़े कष्टों के बाद मिली है आजादी,
इसे सहेजने की समझदारी होनी चाहिए।।
अपनों से मुहब्बत ही ठीक है यारों
दुश्मनों के लिए दिलों में चिन्गारी होनी चाहिए।।
वतन पर मर मिटने वालों की जज़्बात समझ सकें
इतनी सी तो दिलदारी होनी चाहिए।।
केवल अधिकारों की हिस्सेदारी नहीं
कर्त्तव्यों में भी भागीदारी होनी चाहिए।।

                      - किशोरी लाल वर्मा 'कुन्दन'

दिनांक 03/06/2019
राजनांदगांव
©सर्वाधिकार सुरक्षित

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें