हेमलेट शेक्सपियर का एक उत्कृष्ट नाटक है। इसमें एक करैक्टर है क्लाडियस। वह अपने बड़े भाई को जहर दे कर मार देता है तथा उसकी जगह स्वीडन का सम्राट बन जाता है। जल्दी ही अपनी विधवा भाभी से शादी भी कर लेता है। उधर दिवंगत सम्राट के पुत्र राजकुमार हेमलेट को पता चल जाता है कि उसके पिता को उसके चाचा और अब सौतेले पिता क्लाडियस ने मारा है। हेमलेट प्रतिशोध और कुंठा की अग्नि में जलता रहता है। वह क्लाडियस को मारना चाहता है। क्लाडियस इस बात को जानता भी है। लेकिन जनता का समर्थन हेमलेट के साथ है। अतः जनता में विद्रोह न भड़क जाए इसलिए नया सम्राट चाहकर भी हेमलेट को सीधे सीधे नुकसान नहीं पहुंचा पाता। लेआर्टस फ्रांस का राजकुमार है। उसका पिता पालोनिअस क्लाडियस का मंत्री था। पालोनिअस को हेमलेट क्लाडियस के धोखे में मार देता है। पालोनिअस की बेटी और फ्रांस की राजकुमारी अफोलिया हेमलेट से प्यार करती थी। वह अपने पिता की मृत्यु तथा हेमलेट के प्रेम में पागल हो जाती है। वह झरने में गिर कर मर जाती है। इन कारणों से लेआर्टस हेमलेट से बदला लेने की सोचता है। क्लाडियस इसे हेमलेट की हत्या कराने के अवसर के रूप में बदला चाहता हूं। लेआर्टस हेमलेट को तलवार युद्ध के लिए ललकारता है। जो विषबुझी तलवार हेलमेट को मारने के लिए थी वह धोखे से लेआर्टस के लिए इस्तेमाल हो जाती है और वह मारा जाता है। द्वंद्वयुद्ध में जीतने की खुशी के बहाने जहरीली शराब से हेलमेट को मारने का फिर षड्यंत्र किया जाता है लेकिन इस बार भी हेमलेट बच जाता है। जहरीली शराब क्लाडिअस को पीना पड़ जाता है।
कहानी सीधी और सपाट नहीं है। इसमें नाटकीयता और उतार चढ़ाव काफी है।
चरित्र चित्रण कमाल का है। घटनाओं और संवादों के माध्यम से विभिन्न पात्रों की चारित्रिक विशेषताओं को बखूबी उभारा गया है। पात्रों में प्रेम, कुंठा, प्रतिशोध आदि मनोभावों के चित्रण में नाटककार को महारत हासिल है।
तत्कालीन परंपराओं, विश्वासों और रूढ़ियों के द्वारा तथा घटनाओं के आलोक में देश और काल का सम्यक निरूपण हो पाया है।
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