जब से उनका इजहार आया है।
चेहरे पर मेरे निखार आया है।।
खिल-खिल गई हूं मैं, जैसे
पतझड़ में बहार आया है।
मुद्दतों से जिसकी तलाश थी
आज वो दिलदार आया है।
धड़कनों ने पुकारा था जिसे
नजरों में पहली बार आया है।
मिलेंगे तो जाने न दूंगी
यह खयाल सौ-सौ बार आया है।
जब से उनका इजहार आया है।
चेहरे पर मेरे निखार आया है।।
-- किशोरी लाल वर्मा 'कुन्दन'
03/12/2018
कुन्दनपाल
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