दर्द अपना कह दे मुझे,
बढ़ता है अकेले रोने से।
बांटने से कम होगा बोझ,
थक जाएगा अकेले ढोने से।।
उदास रहना अच्छा नहीं,
कोई खुश होता है तेरे खुश होने से।
सुख-चैन है दिल की असली पूंजी
फर्क नहीं पड़ता चांदी और सोने से।
आ नजरें मिलाकर करले गुफ्तगू
यूं न देख मुझे आंख के कोने से।
दर्द अपना कह दे मुझे,
बढ़ता है अकेले रोने से।
बांटने से कम होगा बोझ
थक जाएगा अकेले ढोने से।।
- किशोरीलाल वर्मा 'कुन्दन'
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