बारिश कम होती है,
नदी-नालों में उफान ज्यादा होता है।
असल मुद्दे सब गायब हैं;
फालतू बातों पर तूफान ज्यादा होता है।।
हर जगह चलती है नूरा-कुश्ती
दिखावे का घमासान ज्यादा होता है।।
जनहित में कुछ खास कर पाते नहीं,
उल्टा-पुल्टा बयान ज्यादा होता है।।
सहमी-सकुचाई सी रहती है शराफ़त,
शरारत को गुमान ज्यादा होता है।।
बारिश कम होती है,
नदी-नालों में उफान ज्यादा होता है।
असल मुद्दे सब गायब हैं;
फालतू बातों पर तूफान ज्यादा होता है।।
- किशोरीलाल वर्मा 'कुन्दन'
07/07/2019
ग्राम - छीपा
राजनांदगांव
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