आज बुद्ध पूर्णिमा है।
विश्व को करुणा का उपदेश देने वाले महात्मा बुद्ध का जन्म बैशाख पूर्णिमा को हुआ था।उनको ज्ञान की प्राप्ति भी बैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुआ तथा निर्वाण की प्राप्ति भी बैशाख पूर्णिमा को ही हुई थी।
महात्मा बुद्ध शाक्य कुल के राज परिवार में जन्मे थे।वे राजकुमार थे।शाक्य गणराज्य के उत्तराधिकारी थे।उनके चरणों में दुनिया की समस्त सुख सुविधाएँ थी।वे होने वाले राजा थे।परंतु मानवता के कल्याण के लिए वह संन्यासी बन गए।
यदि बुद्ध और महावीर पैदा नहीं होते तो शायद भारतीय सर्वाधिक हिंसक और खूंखार प्रजाति के लोग माने जाते क्योंकि कि बुद्ध से ठीक पहले वैदिक विचारों की तीव्र प्रतिक्रिया हुई थी।पूरण काश्यप,अजित केशकंबलिन आदि विचारक जनता में यह प्रचारित करना शुरू कर चुके थे कि कोई भी कर्म अच्छा या बुरा नहीं होता।कर्मों का कोई फल नहीं मिलता।पाप पुण्य,स्वर्ग नर्क,अनश्वर आत्मा,पुनर्जन्म आदि सब बकवास हैं।जीवन एक बार संयोग से मिल गया है,दोबारा नहीं मिलेगा।
बुद्ध ने इन खतरनाक विचारों का विरोध किया।वैदिक व्यवस्था का भी उन्होंने विरोध किया।दुनिया को मध्यम मार्ग दिया।संतुलित तरीके से जीना सिखाया।
ऐसे महात्यागी, महाग्यानी,महात्मा बुद्ध को कोटि-कोटि प्रणाम।
रविवार, 8 अप्रैल 2018
बुद्ध
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