मेरी यह रचना
जीवन संगिनी
श्रीमती शारदा वर्मा को
समर्पित है।
हर मुश्किल हो जाता है आसान,
तेरे साथ होने से।
मिट जाती है थकान,
तुमसे बात होने से।।
जबसे तुमसे मीत हुई।
जिंदगी मधुर गीत हुई।।
सब कुछ मुमकिन लगता है
हाथों में तेरा हाथ होने से।
हर मुश्किल हो जाता है आसान
तेरा साथ होने से।।
तुम्हीं हो सूरज मेरी हर सुबह का।
चांद भी तुम्हीं हो रात होने से।।
हर मुश्किल हो जाता है आसान
तेरा साथ होने से।
मिट जाती है थकान
तुम से बात होने से।।
- किशोरी लाल वर्मा 'कुन्दन'
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